Lonely on Flickr.
“रहते थे कभी दिलों में, अब फ़ुटपाथों में रहते हैं, हर शाम कभी रंगीं थी, अब तनहा रातों में रहते हैं.. मन में तो टूटी दरारें हैं, पर दुनियादारी की ख़ातिर, कच्चे धागों से बंधे हुये, झूठे नातों में रहते हैं…” ~Kanhaiya